बहराइच, दिसम्बर 9 -- स्वच्छता में ही सेहत का खजाना छिपा है। स्वच्छ वातावरण ही सेहत के लिए वरदान कहा जाता है। यदि शहर, कस्बों ही नही गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इसका प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य, सुरक्षा ही नहीं गरिमा पर पड़ता है। शहर हो या कस्बे शौचालय की पर्याप्त संख्या नहीं है। जो भी हैं वहां साफ-सफाई की भारी कमी है। लोग भी इन स्थानों को साफ सुथरा बनाए रखने में पूरी तरह से जागरूक नहीं हैं। इस समस्या के समाधान के लिए शौचालयों के निर्माण के साथ-साथ उनकी नियमित सफाई व रख-रखाव और स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। यह प्रयास अभी ठीक से नहीं हो रहे हैं। मुख्य बाजार में आने वाले ग्राहक व व्यापारियों को बड़ी परेशानी हो रही है। सार्वजनिक स्थानों पर शौचालयों का अभाव शहरों और कस्बों की एक ब...