बहराइच, फरवरी 27 -- जीवन का सबसे बड़ा खजाना बेहतर सेहत है। लोग चिकित्सक को भगवान मानते आए है। क्योकि जिंदगी सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका चिकित्सकों की होती है। इसके अलावा स्टाफ नर्स, एएनएम, वार्ड ब्वाय, आशा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी रोगियों की सेवा के साथ दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं। दिन और रात रोगियों की देखभाल के साथ ही महिला स्वास्थ्य कर्मी परिवार संभाल रही हैं। सरकारी पदों पर भर्ती के सिमटते दायरे के बीच नई तैनाती की खत्म होती व्यवस्था और अब आउटसोर्स से नियुक्ति प्रक्रिया ने इनके लिए चुनौती पैदा कर दी है। हर रोज खुद की जिंदगी पटरी पर लाने की चिंता के बावजूद ये मीमार व्यक्तियों की सेवा में दृढ़ संकल्पित हैं। सबसे ज्यादा समस्या संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों की है। अल्प मानदेय से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इनका कहना है कि दिन...