फिरोजाबाद, नवम्बर 8 -- यह सच है नगर निगम में विकास हो रहा है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन कई बार नगर निगम के ही कुछ वार्डों के हिस्सों को देख सवाल खड़े हो जाते हैं कि निगम के विकास के मानक क्या हैं? एक तरफ जहां पर सड़कों की हाल में कोई जरूरत नहीं है, वहां पर फिर से सड़क डलवा दी जाती है तो दूसरी तरफ जहां पर सड़कों की खस्ता हाल से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा हो, वहां पर निगम एक ईंट लगाने का प्रस्ताव पास करना भी जरूरी नहीं समझता। अंबे नगर की गली नंबर दो को देख कर आपको भी कुछ यही महसूस होगा। अंबे नगर गली नंबर दो में करीब 15 साल से सड़क पर कोई काम नहीं हुआ। सड़क की मरम्मत कराना भी जरूरी नहीं समझा। इसका नतीजा है इंटरलॉकिंग की ईंटे उखड़ रही हैं तो नालियां भी धंस सी गई हैं। हिन्दुस्तान ने बोले फिरोजाबाद के तहत जब अंबे नगर की गली नंबर दो ...