फिरोजाबाद, जनवरी 14 -- शहर के छोटा चौराहा, घंटाघर और जाटवपुरी चौराहा सहित अन्य स्थानों पर प्रतिदिन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक दिहाड़ी चूड़ी श्रमिकों की मंडी लगती हैं। इन स्थानों पर रोजाना करीब 100 से 500 श्रमिक काम की तलाश में जुटते हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले मजदूरों की परेशानी और भी ज्यादा है। फतेहाबाद रोड बरी चौराहा, रसीदपुर कनैटा, लालपुर, नगला मुल्ला और आसपास के गांवों से श्रमिक रोजाना 10 से 15 किमी की दूरी तय कर शहर की मंडियों में पहुंचते हैं। इस दौरान उन्हें आने-जाने में करीब 25 से 50 रुपये तक का किराया खर्च करना पड़ता है। कई बार ऐसा होता है कि सुबह आठ बजे से दो-तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद भी कोई काम नहीं मिलता। ऐसे में श्रमिकों को न सिर्फ बिना मजदूरी लौटना पड़ता है, बल्कि किराया भी अपनी जेब से देना पड़ता है। आपके अपने अखबार ह...