गंगापार, मई 30 -- नहर विभाग के अधिकारियों की बेरुखी और अबकी आसमान छूते धान के बीज के भाव ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। उधर मौसम विभाग ने पहले बारिश का अनुमान लगाया है। इसे लेकर किसानों ने धान की नर्सरी डालने के लिए पखवाड़े भर पहले से गुणा गणित शुरू कर दी है। महंगाई की मार और उस पर सुखी नहरों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। किसान इसी संकट में उलझ कर रह गया है। बाबूगंज क्षेत्र का पूरा इलाका धान की खेती के लिए मशहूर है। यहां पटेल, यादव, पाल, मौर्या और ब्राह्मण बिरादरी के लोग जमकर खेती करते है। ऐसे में खरीफ फसल की तैयारी में यहां के किसान जी तोड़ मेहनत कर अच्छी पैदावार लेते है। इस बार जब समय से पहले बरसात होने की आहट मिली तो किसानों ने धान की नर्सरी के लिए पहले से तैयारियां शुरू कर दी। नर्सरी के लिए खेत की जोता...