गंगापार, फरवरी 1 -- कुत्तों का आतंक विकास खंड शंकरगढ़ की नगर पंचायत हो या गांव सभी जगह कुत्तों का आतंक है। देश का अन्नदाता आवारा मवेशियों से अपनी फसल को बचाने के लिए रतजगा कर रहे हैं तो दूसरी ओर माताएं अपने जिगर के टुकड़े को विद्यालय भेजने के बाद उसके वापस आने तक व्याकुल रहती हैं। हर क्षण भय छाया रहता है कि कहीं कोई कुत्ता काट न ले। यह डर इसलिए है कि बीते जनवरी माह में तीन दर्जन से अधिक लोगों को कुत्तों ने काटा। फरियाद करने के बावजूद लोगों को आवारा कुत्तों से निजात नहीं मिल रही है। नगर पंचायत शंकरगढ़ और विकास खंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक अब भयावह रूप ले चुका है। हालात ऐसे हैं कि आम नागरिकों का घर से निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में खासा डर व्याप्त है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में शंकरगढ़ और आसपास...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.