प्रयागराज, फरवरी 8 -- प्रयागराज, हिटी। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र को आवश्यक दस्तावेजों में माना जाता है जिसका विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यों में उपयोग होता है। अस्पतालों में शिशु के जन्म पर अस्पताल संचालक उसके जन्म का प्रमाणपत्र देता है जिसे शहरी लोग नगर निगम में पंजीकृत कराकर वहां से प्रमाणपत्र प्राप्त करते हैं। घर में शिशु के जन्म पर माता-पिता द्वारा हलफनामा देकर पंजीकरण कराया जाता है। किसी की मृत्यु हो जाने की दशा में भी प्रमाणपत्र के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। इन प्रमाणपत्रों के महत्वपूर्ण होने व इनकी उपयोगिता के कारण लोग इसे समय पर प्रज्ञप्त कर संतुष्ट होना चाहते हैं। लेकिन उन्हें जोन कार्यालय व नगर निगम के दफ्तर की परिक्रमा करनी पड़ती है। फिर भी काम न हो तो बहुत कोफ्त होती है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने 'बोले प्रयागरा...