भागलपुर, मार्च 22 -- -प्रस्तुति : मुकेश कुमार श्रीवास्तव बिहार सरकार द्वारा 01 अप्रैल 2026 से जमीन के सरकारी मूल्यांकन दर (सर्किल रेट) को चार गुना तक बढ़ाने के फैसले के बाद पूरे राज्य में किसान संगठनों का विरोध तेज हो गया है। इस निर्णय को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा असंतोष देखने को मिल रहा है। किसानों और आम लोगों का मानना है कि सरकार का यह कदम उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर करेगा तथा जमीन की खरीद-बिक्री पर व्यापक असर डालेगा। सरकार का तर्क है कि वर्तमान सर्किल रेट बाजार मूल्य से काफी कम है, जिससे राज्य को राजस्व की हानि होती है। इसलिए इसे वास्तविक बाजार दर के करीब लाना आवश्यक है। हालांकि, इस फैसले ने जमीनी स्तर पर एक बड़ा आर्थिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। सर्किल रेट वह न्यूनतम दर होती है, जिस पर किसी जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री...
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