भागलपुर, मार्च 28 -- -प्रस्तुति : अमित कुमार गोस्वामी रजनीश आम को फलों का राजा कहा जाता है। यह न केवल स्वाद और पोषण के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि किसानों के लिए आय का एक प्रमुख और स्थायी स्रोत भी बन सकता है। यदि आम की खेती को सही दिशा में बढ़ावा दिया जाए और किसानों को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, तो यह उनकी आर्थिक स्थिति को काफी मजबूत कर सकती है। खासकर बिहार जैसे राज्यों में आम की खेती की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जहां जलवायु और मिट्टी दोनों ही इसके लिए अनुकूल हैं।आज भी अधिकांश किसान परंपरागत तरीकों से आम की खेती करते हैं, जिसके कारण उन्हें अपेक्षित उत्पादन नहीं मिल पाता। आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी के अभाव में वे कई बार नुकसान भी उठा लेते हैं।आम के पेड़ों में मंजर यानी फूल आना उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण...