देहरादून, जून 8 -- बढ़ती आबादी के साथ खाद्यान्न की मांग भी बढ़ती जा रही है। इसको पूरा करने के लिए पर्याप्त मैनपावर नहीं है। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग खाने में मिलावट कर उसकी गुणवत्ता को तो कम कर ही रहे हैं, साथ ही लोगों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं बाजारों में उत्पादन को बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरह के केमिकल आ रहे हैं, जो हानिकारक हैं। इनकी जांच होनी चाहिए, साथ ही जगह-जगह पर इस तरह के केमिकल पर प्रतिबंध लगना चाहिए और इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। प्रस्तुत है कुमुद नौटियाल की रिपोर्ट... हर साल सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को यह जागरूक करना है कि जो भोजन वे खा रहे हैं, वह सुरक्षित, शुद्ध और सेहतमंद है या नहीं। आज के समय में खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जो न केव...
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