भागलपुर, मार्च 26 -- -प्रस्तुति : सुधांशु लाल चालक बहाली प्रक्रिया में लिखित और मौखिक परीक्षा पूरी होने के बाद अब अभ्यर्थियों के सामने प्रैक्टिकल परीक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। करीब 5000 चालकों की बहाली प्रस्तावित है, लेकिन प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में अभ्यर्थी उचित तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। प्रैक्टिकल परीक्षा में निर्धारित समय के भीतर तय दूरी पर टी-शेप में वाहन को आगे-पीछे करना होता है, जिसके लिए विशेष अभ्यास आवश्यक है। ऐसे में अभ्यर्थी प्रशिक्षण केंद्रों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। तेतरहाट से प्रशिक्षण लेने पहुंचे अभ्यर्थी चंदन कुमार ने बताया कि जमुई में मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूल खुलने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अधिकतर स्थानों पर अब भी प्रशिक्षण सुविधाएं अपर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि समुचित प्रशिक्षण के अभाव में ...