गोरखपुर, जनवरी 6 -- यहां सरकारी पाइपलाइन घरों तक पहुंच चुकी है, ओवरहेड टैंक खड़े हैं, फिर भी लोगों को पानी मयस्सर नहीं है। यह तस्वीर है गोरखपुर के वार्ड संख्या 8 चरगांवा की। यहां सरकारी जलापूर्ति सिर्फ कागजों में चल रही है। हकीकत में करीब 35 हजार की आबादी निजी बोरबेल पर निर्भर है। वार्ड में सड़कें जर्जर, जलनिकासी का अभाव और पार्को की बदहाली भी आम है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने बोले गोरखपुर की कड़ी में चरगांवा वार्ड के नागरिकों से उनकी समस्याओं पर बात की तो लोगों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी के प्रति खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने 1990 के दशक में वार्ड संख्या 8 चरगांवा में राप्तीनगर फेज-2, फेज-3 और फेज-4 जैसी बड़ी आवासीय कॉलोनियां विकसित कीं। जलापूर्ति के लिए तीन बड़े ओवरहेड टैंक बनाए गए। साल 2019 में जल...
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