गोंडा, मार्च 27 -- जिले में 2609 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें करीब तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। हर विद्यालय में कम से कम एक बालक, एक बालिका और दिव्यांग शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन इनकी वास्तविक स्थिति चिंताजनक है। हिन्दुस्तान बोले गोण्डा मुहिम के तहत रुपईडीह और वजीरगंज शिक्षा क्षेत्र के स्कूलों में बालिका शौचालयों की पड़ताल की गई। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कई स्कूलों में बालिका शौचालय बदहाल स्थिति में हैं। ये शौचालय उपयोग के लायक नहीं बचे हैं। कई स्थानों पर शौचालयों में कूड़ा-करकट जमा मिला, जबकि कुछ शौचालयों के दरवाजे बंद पाए गए। साफ-सफाई और पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति का सीधा असर छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों औ...