गोंडा, दिसम्बर 18 -- जिले में औद्यानिक फसलों की खेती किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बनती जा रही है। मौजूदा वित्त वर्ष के आंकड़ों के मुताबिक जिले के किसान तेजी से पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर फल, सब्जी, मसाला और फूलों की खेती का रुख कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में करीब 4750 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की खेती से 23750 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। वहीं, केले की खेती 432 हेक्टेयर भूमि पर हो रही है। गोण्डा। जिले में खेती की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। कभी धान और गेहूं जैसी परंपरागत फसलों की खेती करने वाले तमाम किसान सब्जी और फल उत्पादन करने में जुटे हैं। जिले के सैकड़ों किसान केला, पपीता, आम के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी जैसी लाभकारी फसलों की खेती कर रहे हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। किसानों का कहना है कि सब्जी और फलो...
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