गोंडा, फरवरी 18 -- जिले के लोगों को उनके नजदीक ही प्राथमिक उपचार मिल जाए इसलिए आरोग्य मंदिर की स्थापना की गई है। जिले में 302 आरोग्य मंदिर मौजूदा समय में संचालित भी किए जा रहे हैं। इन आरोग्य मंदिरों पर आने वाले मरीजों की 14 प्रकार की जांचें की जातीं हैं और फिर बीमारी का पता लगने के बाद 84 प्रकार की दवाइयों से इलाज किया जाता हैं। आरोग्य केंद्र पर तैनात सीएचओ (सामुदायिक स्वास्थ्य आफिसर) लोगों की बीमारी की जानकारी होने के बाद डाक्टर से सलाह लेकर दवाएं देता है और अगर जरुरी समझता है तो फिर हायर सेंटर भेज देता है। बोले गोण्डा मुहिम के तहत हिन्दुस्तान ने आरोग्य मंदिरों की पड़ताल कराई और लोगों से आरोग्य मंदिर संचालन के संबध में चर्चा भी की हैं। लोगों ने अपने विचार भी रखे हैं। लोगों का कहना है कि आरोग्य मंदिर समय से नहीं खुलते हैं और जहां खुलते है...