गोंडा, मार्च 15 -- जिले में मानवरहित (अनमैंड) गेट पर रेल ट्रैक पार करने पर वर्षों पहले दुर्घटनाएं होती थीं। जानमाल की सुरक्षा के साथ ट्रेनों के संरक्षित संचालन के लिए जिले में करीब 26 अंडरपास रेलवे की ओर से बनाए गए हैं। ये अंडरपास बनने से लोग असुरक्षित तरीके से रेल ट्रैक नहीं पार करते हैं। फिलहाल जिले में मानव रहित समपार फाटक नहीं बचे हैं, जिससे हादसों पर लगाम लग गई है। इसके बावजूद हर साल जिले में करीब एक दर्जन लोगों की ट्रेन से कटकर मौत होने की बात सामने आती है। अधिकतर घटनाएं तब होती हैं जब लोग जल्दबाजी में सीधे रेलवे ट्रैक पार करते हैं। हालांकि जिले में बने कई अंडरपास अब रखरखाव की समस्या से जूझ रहे हैं। अधिकांश स्थानों पर सीसी सड़कें टूट-फूट गई हैं। इससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को परेशानी होती है। इसके अलावा बिजली की व्यवस्था न होन...
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