गोंडा, सितम्बर 16 -- हर साल जिले के सैकड़ों स्कूलों से 35 से 40 हजार बारहवीं पास छात्र-छात्राएं बेहतर और उच्च शिक्षा के लिए निकलते हैं। इन सभी के जीवन में एक सपना शिक्षा हासिल करके रोजगार पाने का होता है। स्थानीय स्तर पर उच्च तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा के अभाव में जिले के हजारों छात्र अन्य शहरों के लिए जाने पर विवश हैं। गोण्डा। गांव की गलियों से निकलकर हर साल हजारों की संख्या में छात्र अपने सपने पूरे करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं। बारहवीं पास करने के बाद युवाओं और उनके अभिभावकों की आंखों मे नई दिशा, नई शिक्षा की किरण जागती है। लेकिन जिले में बेहतर सरकारी प्लेटफॉर्म न होने से कमजोर और निम्न वर्ग के बच्चों को उच्च तकनीकी, पैरा मेडिकल और रोजगार परक शिक्षा में दिक्कत आ रही है। हिन्दुस्तान के बोले गोंडा मुहिम में शहर के एलबीएस पीजी कॉलेज ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.