गाजीपुर, मार्च 13 -- कांशीराम कॉलोनी (सादात) में रहने वाले लोग समस्याओं से छटपटा रहे हैं। दीवारों की ईंटें दिखने लगी हैं, प्लास्टर गिर रहा है। खिड़की और दरवाजे टूट गए हैं। बोरा और प्लास्टिक से ढककर लोग रहने को मजबूर हो गए हैं। पेयजल के लिए तरस रहे हैं। बिछाई गई पाइप लाइन से आपूर्ति नहीं शुरू हुई। हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं। बाहर से बाल्टी में पानी भरकर किसी तरह तीसरे मंजिल तक चढ़ पाते हैं। शिकायतों पर सुनवाई नहीं की जा रही हैं। समस्याओं का दर्द झेलते हुए जीने की नियति बन गई है। कांशीराम कॉलोनी में रहते तकरीबन दो दशक हो गए हैं। कुछ दिनों तक तो स्थितियां कुछ ठीक रहीं, लेकिन जब बिगड़ी तो इसके बाद किसी ने सुविधाएं दुरुस्त कराने के प्रति सुधि नहीं ली। सफाईकर्मी तो झांकने भी नहीं आते। लोगों ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में अपनी व्यथा बताई। श्र...