गाजीपुर, मार्च 1 -- तहसील और दीवानी न्यायालयों के अधिवक्ता अव्यवस्थाओं के आगे बेबस हैं। परिसर में बैठने की जगह, शौचालय, पार्किंग और पेयजल की सुविधा नहीं है। हर मौसम में टीन शेड के नीचे काम करना पड़ता है। मुकदमों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर कोर्ट की कमी महसूस की जा रही है। तारीख-दर-तारीख मुकदमों के लटकने से फरियादी परेशान होते हैं। पेंशन की मांग कर रहे अधिवक्ताओं को आयुष्मान कार्ड न बनने से दिक्कत होती है। आए दिन की घटनाओं को देखते हुए उनका जोर एडवोकेट प्रोटेक्शन ऐक्ट को लागू कराने पर भी है। कोर्ट भी नहीं बढ़ने से मुकदमे के निस्तारण में काफी विलंब होता है। फरियादियों की भी सुननी पड़ती है। एडवोकेट प्रोटेक्शन ऐक्ट की दरकार है। उनके साथ घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। मुहम्मदाबाद में तहसील न्यायालय के अतिरिक्त तीन दीवानी कोर्ट भी हैं। वहां सुविधाओं...
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