आगरा, मार्च 3 -- तीर्थनगरी सोरों जी में होली के पांच दिन बाद चैत्र कृष्ण पक्ष पंचमी को मनाई जाने वाली रंगपंचमी इस वर्ष आठ मार्च को श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ मनाई जाएगी। "आओ खेलें गंगा-वराह संग होली" के आह्वान के साथ आयोजित होने वाला यह पारंपरिक रंगोत्सव न केवल स्थानीय लोगों बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसे लेकर मान्यता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर अवतरित होकर भक्तों के साथ रंग खेलते हैं। इससे सोरों जी की पावन धरा दिव्य रंगों से सराबोर हो उठती है। सोरों के लोगों ने आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले कासगंज में आयोजित संवाद कार्यक्रम में तीर्थ नगरी के प्रमुख लोगों ने कहा कि धार्मिक परंपराओं के अनुसार रंगपंचमी को देवताओं का रंगोत्सव कहा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन तीर्थराज सोर...