आगरा, जनवरी 13 -- शहर के मध्य स्थित लक्ष्मीगंज (पूर्व कलेक्टरगंज) का ऐतिहासिक हाथीगेट आज भी वैसे ही खड़ा है, जैसी गरिमा के साथ वह 17 सितंबर 1921 को ब्रिटिश काल में स्थापित हुआ था। मोटी पत्थर और ईंटों से निर्मित यह द्वार न केवल औपनिवेशिक स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि कासगंज के शहरी, प्रशासनिक, शैक्षिक और व्यापारिक विकास की आधारशिला भी रहा है। यह वही काल था जब कासगंज एक संगठित नगर के रूप में आकार ले रहा था और लक्ष्मीगंज उसका केंद्र बिंदु बन रहा था। उस दौर में लक्ष्मीगंज को कलेक्टरगंज कहा जाता था और यह नगर का महत्वपूर्ण प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र था। नगर पालिका, प्रशासनिक कार्यालय, सार्वजनिक पुस्तकालय और प्रमुख बाजार यहीं स्थापित थे। संवाद में लोगों ने कहा कि हाथीगेट इसी सुव्यवस्थित शहरी ढांचे का औपचारिक प्रवेश द्वार था। आज भी इस ...