वाराणसी, अप्रैल 28 -- वाराणसी। कागजों पर नवशहरी का तमगा मिलते ही मढ़वां मोहल्ले (मीरापुर बसही) के निवासियों ने सुनहरे भविष्य के सपने संजोए, लेकिन आज यह क्षेत्र नगर निगम की उपेक्षा और प्रशासनिक बेरुखी झेल रहा है। मढ़वां में विकास की किरण पहुंचना तो दूर, बुनियादी सुविधाओं का भी अकाल पड़ा है। संकरी कच्ची गलियां, बांस-बल्लियों पर लटकते तार और स्वच्छ पेयजल के लिए तरसते लोग है। यही मोहल्ले की कड़वी हकीकत है। शहरी क्षेत्र के बोझ तले दबे लोग आज भी 'आदिम युग' की विवशता झेल रहे हैं। आखिर कब तक विकास के दावों के बीच यह मोहल्ला नारकीय जीवन जीने को मजबूर रहेगा? लालपुर मीरापुर बसही वार्ड नं-56 का मढ़वां मोहल्ले के लोगों ने 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में अपनी समस्याएं साझा कीं। हीरावती राजभर और बबलू कुमार गौंड ने कहा कि नगर निगम की सीमा में आने के वर्षों ब...