वाराणसी, मार्च 1 -- वाराणसी। फरीदपुर मोहल्ले पर नगर निगम का वर्षों पहले ठप्पा लगा लेकिन इसकी तकदीर आज भी पुराने टूटे खड़ंजों और कीचड़ भरी गलियों में कैद है। यहां की प्राचीन पोखरी, जो कभी आस्था का दर्पण थी, अब गंदगी और बदबू का केंद्र बन चुकी है। स्ट्रीट लाइटों के अभाव में शाम ढलते ही सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। रिंग रोड पुलिया पर नशेड़ियों का जमावड़ा बाशिंदों का सुकून निगल रहा है। मूलभूत सुविधाओं के नाम पर आश्वासन का झुनझुना थामे नागरिक प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहें लगाए हुए हैं। ------------------ सारनाथ वार्ड के फरीदपुर मोहल्ले की आबादी दो हजार के आसपास है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में देवीशंकर पांडेय ने बताया कि अघरों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। पुरानी पोखरी गंदगी से भर गई है। मुख्य मार्ग नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। इससे स...
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