वाराणसी, फरवरी 15 -- वाराणसी। नगर निगम का लगभग पांच दशक से हिस्सा हैं लेकिन पानी की पाइप लाइन अब तक नहीं बिछी। पानी टंकी जरूर बन गई है। एक हैंडपंप से लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। आधी आबादी तक बिछी सीवर लाइन चालू ही नहीं हो सकी है। इस वजह से जलजमाव पूरे साल पीड़ा देता है। बीच रास्ते पर रखा ट्रांसफार्मर हर पल खतरे की घंटी बजाता है। कूड़ा-कचरा के ढेर, गंदगी के चलते संक्रामक बीमारियां लगातार जड़ें जमा रही हैं। छतरीपुर आंशिक सरकारी अनदेखी का दस्तावेज बन गया है। ------- तरना वार्ड का छतरीपुर आंशिक मोहल्ला वर्ष-1978 से नगर निगम का हिस्सा है मगर यहां की लगभग 1800 की आबादी का अब तक 'विकास' से आमना-सामना नहीं हुआ है। 350 से अधिक मकानों में रहने वाले लोग सरकारी बेरुखी की गवाही दे रहे हैं। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत के दौरान विनोद कुमार ने कहा क...