भागलपुर, मार्च 20 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप सुबह घर से निकलते समय परिवार की आंखों में उम्मीद होती है, लेकिन शाम तक सकुशल लौटने की कोई गारंटी नहीं। जिले के सैकड़ों कमर्शियल वाहन चालक हर दिन इसी डर और अनिश्चितता के साथ सड़कों पर उतरते हैं। यात्रियों और सामान को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने वाले ये ड्राइवर खुद अपनी जिंदगी की सुरक्षा को लेकर असहाय नजर आते हैं। कटिहार जिले में ड्राइवरों की स्थिति आज भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सड़क हादसों में जान गंवाने वाले ड्राइवरों के परिवारों की हालत किसी से छिपी नहीं है। कमाने वाले सदस्य के अचानक चले जाने के बाद परिवार आर्थिक और सामाजिक संकट में डूब जाता है। कई मामलों में बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है और परिवार को दो वक्त की रोटी तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है।ड्राइवरों क...