भागलपुर, मार्च 12 -- - प्रस्तुति : ओमप्रकाश अम्बुज/मोना कश्यप कटिहार के कॉलेजों में हर साल हजारों छात्र-छात्राएं डॉक्टर, शिक्षक और प्रशासनिक सेवा में जाने के बड़े सपनों के साथ दाखिला लेते हैं। लेकिन, शिक्षण संस्थानों की जर्जर व्यवस्था उनके सुनहरे भविष्य की राह में बड़ी दीवार बन रही है। कॉलेजों में संसाधनों का घोर अभाव है। हालात यह हैं कि कहीं लाइब्रेरी में जरूरी किताबों की कमी है तो कहीं कंप्यूटर लैब पूरी तरह से बंद पड़े हैं। इसके अलावा, परिसरों में शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं, जिससे छात्रों को भारी परेशानी होती है। इन तमाम दुश्वारियों के बीच छात्र-छात्राएं अपने भविष्य को संवारने के लिए हर दिन कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। पढ़ने की ललक लिए ये विद्यार्थी अब सरकार और प्रशासन से एक बेहतर और सुविधायुक्त शैक्...
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