भागलपुर, जुलाई 13 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप आईटीआई छात्रों को रोजगार मेले में नौकरी का सब्जबाग जरूर दिखाया जाता है। लेकिन यहां काम मिलने के बाद जो वेतन मिलता है वह उनकी जरूरतों को पूरा नहीं करता। ज्यादा काम और वेतन कम यह आईटीआई पास करने वाले छात्र छात्राओं की हकीकत बन गई है। आंखों में नौकरी का सपना, हाथ में ऑफर लेटर की उम्मीद मगर जब हकीकत सामने आती है तो सपना चटकने लगता है। दूर-दराज की कंपनियां कम सैलरी, ज्यादा काम और कटौती का बोझ देती हैं। कोई जॉइन करता है तो जल्दी लौट आता है। जिले के इन युवाओं का दर्द ये है कि रोजगार तो मिला, पर जीवन नहीं सध पाया। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कटिहार और जिले के निजी तकनीकी संस्थानों में इन दिनों करीब 4000 विद्यार्थी विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें 1000 से अधिक ...
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