एटा, मार्च 28 -- कहने को तो एटा शहर अमृत योजना का हिस्सा है, लेकिन जमीनी हकीकत के नाम पर यह योजना यहां के शहरी क्षेत्र की जनता के लिए मुसीबत का जंजाल बन चुकी है। सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई शहर की सैकड़ों गलियों में से लगभग 300 से अधिक गलियां अब तक ऊबड़-खाबड़ और जर्जर स्थिति में हैं। इन गलियों में से होकर गुजरने पर स्थानीय बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के अलावा वाहन सवारों को भी अनेकों मुश्किलों से गुजना पड़ रहा है। शहर के जागरूक लोगों ने आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार के बोले एटा अभियान के संवाद के माध्यम से इस मुख्य समस्या को उठाते हुए शासन-प्रशासन और नगर पालिका से समाधान की मांग की है। नगर पालिका क्षेत्र के सभी 25 वार्डों का हाल एक जैसा है। शायद ही कोई ऐसा मोहल्ला बचा हो जहां की गलियां चलने लायक हो। सीवरेज योजना के तहत जब खुदाई शुरू हुई थी...