एटा, फरवरी 17 -- शहरों और कस्बों में यातायात व्यवस्था जाम के गंभीर संकट से जूझ रही है। मुख्य मार्ग हों या संपर्क मार्ग, हर जगह बढ़ते अतिक्रमण और वाहनों की बेतहाशा संख्या के कारण जाम की समस्या आम हो गई है। यह समस्या केवल लोगों के समय की बर्बादी तक ही सीमित नहीं है। बल्कि इससे आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बढ़ा रही है। शहरों के प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त सड़कों पर दुकानदारों के द्वारा सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण ने हालात और अधिक बिगाड़ दिए हैं। सड़कों के बाहर फुटपाथों पर दुकानें सजा दी जाती हैं। ठेले-खोमचे खड़े कर दिए जाते हैं। कई जगह स्थायी निर्माण तक कर लिए गए हैं। इससे पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरना पड़ता है। उससे यातायात बाधित होता है। दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। फुटपाथ जो पैदल यात्रियों के लिए बनाए ...