आगरा, अक्टूबर 8 -- सोलह शृंगार में सजी नारी। फिर चांद के इंतजार में बढ़ती खुमारी। उपवास जैसी साधना। सुहाग की लंबी आयु की प्रार्थना। एक बार फिर शहर में हजारों साल से चली आ रही सनातनी परंपरा करवाचौथ की खुशियां इस रूप में दिखने जा रही हैं। शहर के लाखों घरों की छतों पर नौ-दस अक्तूबर को करवाचौथ मनाई जाएगी। घरों के मंदिरों, आंगनों में सास करवाचौथ की कथाओं में छिपे कहानी का सार बताने की तैयारी कर चुकी हैं। इतराते चांद को पहली बार देखने की कल्पना नवविवाहिताओं को मन ही मन काफी रोमांचित कर रही है। चांद के साए में, छलनी के सामने सुहाग के साथ करवाचौथ का पहला फोटे लेने की बेताबी सुहागिनों में बढ़ रही है। बाजार गुलजार हैं। डिजिटल दुनिया में करवाचौथ की धूम दिखने लगी है। ''करवा चौथ का व्रत है प्यारा, चांद से मांगी है दुआ दुबारा'' जैसी गीतों पर चल रही रील...
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