अयोध्या, फरवरी 10 -- केन्द्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधा के मामले में शहरी क्षेत्र की अपेक्षा पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सेहत का ख्याल रखने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन 'एनआरएचएम' के तहत आशा कार्यकत्रियों की भर्ती लगभग दो दशक पहले की गई थी। इनका मुख्य उद्देश्य हाशिए पर खड़े ग्रामीण समुदाय के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली से जोड़ना था। आज आशा अपने इस कार्य को बखूबी अंजाम भी दे रही हैं। दिन हो या रात गर्भवती महिला की तरफ से एक आवाज आने मात्र से ही आशाकर्मी दिन या रात,बारिश या सर्दी की परवाह किए बिना दौड़ पड़ती हैं लेकिन इनका असली दर्द सम्मानजनक मानदेय व समय से न मिल पाना है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अयोध्या। गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी बनी आशा कार्यकत्रियां आज भी अपने हक और सम्मान...