अंबेडकर नगर, मार्च 30 -- मध्य पूर्व में चल रही जंग के चलते आम आदमी पहले से ही काफी परेशान है। जंग के चलते महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस की उपलब्धता बमुश्किल हो रही है। इन सबके बीच नए शिक्षासत्र पर बच्चों की फीस जमा करने से लेकर शिक्षण सामग्रियां उपलब्ध कराना उनके सामने एक बड़ी चुनौती है। ऐसे माहौल में भी निजी स्कूल संचालकों की मनमानी नहीं रुक रही है। अधिक कमाई के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। न सिर्फ प्रत्येक वर्ष फीस बढ़ा दी जाती है, बल्कि पुस्तकें भी बदल दी जाती हैं। स्कूलों में चलने वाली पुस्तकें विशेष दुकान पर ही मिलती हैं। जिन दुकानों से पुस्तकें मिलती हैं, उनसे संबंधित स्कूल को कमीशन के रूप में मोटी रकम मिलती है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट...अम्बेडकरनगर। निजी स्कूलों में एनसीईआरटी आधारित पुस्तक के नाम पर ब...