अंबेडकर नगर, मार्च 26 -- रसोई गैस के बढ़ते संकट के बीच आम लोगों के साथ ही मजदूरों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। होटलों, ढाबों व रेस्टोरेंट पर बनने वाले भोज्य सामग्रियों के दाम में भी वृद्धि होने लगी है। चौराहों पर रोजगार के लिए आने वाले मजदूरों की संख्या में तेजी से कमी हो रही है। गैस संकट को देखते हुए ज्यादातर मजदूर परिवार के साथ अपने पैतृक गांव पलायन कर रहे हैं, जो मजदूर हैं, उन्होंने मजदूरी भी बढ़ा दी है। पेश है बोले हिन्दुस्तान टीम की एक रिपोर्ट... अम्बेडकरनगर। रसोई गैस की लगातार बढ़ती किल्लत का सबसे प्रतिकूल प्रभाव मजदूरों पर पड़ रहा है। जैसे-जैसे समस्या बढ़ रही है, भोजन का संकट बढ़ता जा रहा है। इसके चलते मजदूर अब परिवार के साथ अपने गांव जाने लगे हैं। पूर्व में जहां शहजादपुर के फव्वारा तिराहा के निकट दो सौ से अधिक मजदूर पहुंचते थे...