अंबेडकर नगर, अप्रैल 1 -- सरकारी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को इलाज का लाभ मिलता है। हालांकि, कई बार संसाधनों का अभाव व जिम्मेदारों की मनमानी मरीजों व तीमारदारों को मुश्किल में डाल देती है। मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल को छोड़ दिया जाए तो सीएचसी व पीएचसी में कई बार मरीजों को खासी परेशानी होती है। कई बार पूरी दवाएं भी उन्हें नहीं मिल पाती है। जहां तक संचारी रोगों से निपटने की व्यवस्था है तो इसके लिए जिले में 21 टीमें निर्धारित की गई हैं। डेंगू व मलेरियों के मरीजों के बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में 10-10 बेड, जबकि सीएचसी में पांच व पीएचसी में दो बेड स्थापित रहते हैं। इस बारे में हिन्दुस्तान बोले टीम की एक रिपोर्ट...अम्बेडकरनगर। बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों के साथ ही अन्य स्टाफ की तैनाती पूरी होनी चाहिए।...