अंबेडकर नगर, दिसम्बर 18 -- व्यावसायिक खेती करने में आ रही समस्याओं को बीते दिनों ही बोले अम्बेडकरनगर में प्रमुखता से उठाया गया था। हालांकि अब तक कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा सका है। व्यावसायिक खेती करने के लिए किसानों को समय पर अनुदान नहीं मिल पाता है। इसके लिए बार बार जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। आवारा पशु अक्सर खेतों में पहुंचकर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे किसानों को बड़ी आर्थिक चपत लगती है। उपज की बिक्री करने के लिए किसानों को जिले में समुचित बाजार नहीं उपलब्ध है। इससे उपज की बिक्री करने के लिए किसानों को दूसरे जिले व प्रांत तक की दौड़ लगाने को मजबूर होते हैं। व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सुचारु रूप से प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। मशरूम, अमरूद व पपीता की खेती किसान करते हैं। हालांकि उन्हें पौध...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.