अंबेडकर नगर, अक्टूबर 3 -- दशहरा पर्व का उल्लास जिले में चहुंओर दिख रहा है। कई स्थानों पर रावण व मेघनाथ के पुतला दहन की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। ज्यादातर पुतलों का निर्माण रामलीला समितियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता ही करते हैं। पूर्व में पुतलों की ऊंचाई 25 फिट तक हुआ करती थी, लेकिन बीते कुछ वर्ष से इसकी ऊंचाई कम हो गई है। अब अधिकतम 15 फिट ऊंचाई के ही पुतले तैयार किए जा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण महंगाई का होना भी है। दरअसल पुतला निर्माण में लगने वाली सामग्रियों के दाम में वद्धि हुई है। इससे पुतला तैयार करने में अधिक लागत आती है। पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी भी होती है। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में दहन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। दहन स्थल पर न तो फायरकर्मी तैनात होते हैं और न ही आग...