अंबेडकर नगर, दिसम्बर 11 -- ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की दुर्दशा के बारे में बीते दिनों ही बोले अम्बेडकरनगर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त मार्ग पर जान जोखिम में डालकर आवागमन करने वाले ग्रामीणों की आवाज उठाई थी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई ऐसे माग हैं, जिनकी बदहाली आम लोगों के आवागमन में किसी चुनौती से कम साबित नहीं हो रही है। इन मार्गों पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। सबसे अधिक समस्या महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के साथ ही गर्भवती व दिव्यांगों को होती है। शिकायत जिम्मेदारों से की जाती है, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत पिछले तीन वर्ष से जिले में किसी नई सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। जिन सड़कों का पूर्व में निर्माण हुआ था या फिर नवीनीकरण हुआ था, उसमें गु...