नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- देश के नए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सबसे मूल्यवान अधिकारों में से एक बताया है। उन्होंने इसे और मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने सार्वजनिक विमर्श में जिम्मेदारी, सटीकता और सम्मान सुनिश्चित करने वाले एक ढांचे की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'यह स्वतंत्र भाषण नहीं है जो गरिमा या प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इस स्वतंत्रता का दुरुपयोग और हमारे उपायों की अक्षमता ही इसका कारण बनती है।' यह भी पढ़ें- कोई SC गलती से नहीं पहुंचता, खुद के CJI बनने पर ऐसा क्यों बोले जस्टिस सूर्य कांत सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अभिव्यक्ति का अधिकार एक समान रूप से अहम दायित्व के साथ आता है। इसे नागरिक के मौलिक कर्तव्यों के तहत तरीके से प्रयोग करना है। टीओआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'सं...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.