नई दिल्ली, फरवरी 4 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से बोलने की इजाजत न देने के आरोपों पर इशारों-इशारों में पलटवार किया है। बिरला ने कहा कि सदन में बोलने की अनुमति देना या न देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है। दरअसल, राहुल ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर सरकार के इशारे पर उन्हें बोलने से रोकने का आरोप लगाया था। वहीं, बुधवार दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का नाम पुकारा। गोयल ने भारत अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते पर जैसे ही अपना बयान पढ़ना शुरू किया, विपक्षी सांसद अध्यक्ष के आसन के करीब आकर नारेबाजी करने लगे। इनमें कांग्रेस और तृणमूल सहित कई पार्टियों के सदस्य शामिल थे। विपक्षी सांसद अपने...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.