गुड़गांव, मई 14 -- गुरुग्राम, अमर मौर्य। मिलेनियम सिटी में छात्र बोर्ड परीक्षा की तुलना में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों पर जोर दे रहे। इसके पीछे उच्च शिक्षा के अवसरों की सीमित उपलब्धता और करियर-उन्मुख सोच मुख्य कारण बन गया है। छात्र स्कूल जाने के बजाय डमी स्कूलों में दाखिला लेते हैं। ताकि कोचिंग के लिए समय बच सके। भौतिक विज्ञान के शिक्षक विकास झा ने कहा कि पिछले 12 साल के शिक्षक करियर में छात्रों का सबसे खराब रिजल्ट इस बार रहा है। पूरे गुरुग्राम में रिजल्ट अच्छा नहीं था। गुरुग्राम के बहुत से बच्चे फेल भी हुए हैं। पिछले साल 17 बच्चों का 90 प्रतिशत से अधिक थे। इस बार छात्रों के रिजल्ट से मायूसी है। ऐसा रिजल्ट कभी नहीं आया था। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूली शिक्षा के बजाय कोचिंग पर जोर दे रहे है। जिससे बच्चों की नींच मजबूत होने प्रतियोगी...