गुड़गांव, मई 13 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत । एक समय था जब 90 प्रतिशत अंक हासिल करना छात्रों के लिए बड़े सपने के पूरा होने जैसा माना जाता था। इतने अंक आते ही प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिले की उम्मीद लगभग तय मानी जाती थी, लेकिन अब शिक्षा का यह समीकरण तेजी से बदल रहा है। सीबीएसई समेत विभिन्न बोर्डों के हालिया परिणामों में बड़ी संख्या में छात्रों ने 90 और 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं। ऐसे में हाई स्कोर अब सामान्य श्रेणी में आते जा रहे हैं और कॉलेज प्रवेश में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक कठिन हो गई है। गुरुग्राम में ही दस से अधिक सरकारी कॉलेज, एक सरकारी विश्वविद्यालय, 10 निजी विश्वविद्यालय और कई निजी शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय, आईपी यूनिवर्सिटी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और एनसीआर क...