संभल, मार्च 31 -- युद्ध के चलते उत्पन्न हालातों का असर अब खाद्यान्न व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। गेहूं भंडारण के लिए नए बोरे उपलब्ध न होने की स्थिति में प्रशासन ने कोविड काल की तर्ज पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, जनपद में गेहूं भंडारण के लिए पर्याप्त नए बोरे नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि, पुराने बोरों की करीब 600 गांठ उपलब्ध हैं, लेकिन यह मात्रा जरूरत के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में सरकार ने कोटेदारों से ही राशन के बोरे खरीदने का फैसला किया है। इन बोरों में ही सरकारी खरीद के तहत लिए गए गेहूं का भंडारण किया जाएगा, ताकि खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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