संभल, फरवरी 26 -- धनारी पट्टी बालूशंकर गांव में सात वर्षीय मासूम अंशू की हत्या ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। परिवार का इकलौता बेटा और तीन बहनों का अकेला भाई अंशू 15 फरवरी को घर के पास मढ़ी (मंदिर) से अचानक लापता हो गया था। तभी से मां नीतू की आंखों से नींद और पिता रोहित के चेहरे से सुकून गायब हो गया था। बेटे की तलाश में परिवार ने हर संभव जगह खोजबीन की। गांव-गांव जाकर पूछताछ की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क करने के साथ ही जंगल खंगाला गया, लेकिन अंशू का कोई सुराग नहीं मिला। 11 दिन तक मां-बाप उम्मीद के सहारे जिंदा रहे। हर आहट पर मां को लगता कि शायद उसका बेटा लौट आया हो। गुरुवार को 12वें दिन गांव निवासी राजेंद्र के खेत में बोरे में बंद अंशू का शव मिलने से मां-बाप की उम्मीद पूरी तरह से टूट गई। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, मां नीतू ...