धनबाद, अक्टूबर 3 -- धनबाद। कोयला कंपनियों में विभागीय मजदूरों की संख्या लगातार घटती जा रही है। वहीं ठेका मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बोनस के मुद्दे पर हर बार ठेका मजदूरों का मुद्दा उठता है, लेकिन निर्णय अधिनियम के अनुसार 8.33% न्यूनतम बोनस का आदेश जारी किया जाता है। समान काम के लिए समान वेतन का मुद्दा सालों से उठाया जा रहा है, लेकिन ठेका मजदूरों को विभागीय कर्मियों की तरह समान बोनस तक नहीं मिलता है। यह भी पढ़ें- कोल इंडिया: एपेक्स जेसीसी की बैठक में कल बोनस पर फैसला संभवठेका मजदूरों की स्थिति कोयला क्षेत्र में उत्पादन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो विभागीय कर्मियों से ज्यादा अहम ठेका मजदूर होते जा रहे हैं, जहां 70 प्रतिशत कोयला खनन आउटसोर्सिंग कंपनियों के भरोसे है। बता दें कि आउटसोर्सिंग कंपनियों की पूरी गतिविधियां ठेका मजदूरों...