बोधिवन होगा प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक पर्यावरण चेतना का सुंदर सेतु
बिहारशरीफ, अगस्त 22 -- बिहारशरीफ, निज संवाददाता। नव नालंदा महाविहार के ह्वेनसांग स्मारक परिसर के पास बोधिवन की स्थापना बौद्ध विरासत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बोधिवन प्राचीन ज्ञान परंपरा और आधुनिक पर्यावरण चेतना के बीच एक सुंदर सेतु के रूप में विकसित होगा। बोधिवन में थेरवाद बौद्ध परंपरा में वर्णित 28 बुद्धों से जुड़े पवित्र बोधिवृक्षों के पौधों को एक ही स्थान पर संरक्षित किया जा रहा है। इन पौधों को शोध के बाद देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों से एकत्रित किया गया है। प्रत्येक पौधे के पास संबंधित बुद्ध के नाम के साथ वृक्ष का पालि, हिंदी और वानस्पतिक नाम भी प्रदर्शित किया गया है। यह भी पढ़ें- नव नालंदा महाविहार में दिखेगी 28 बुद्धों के बोधिवृक्षों की झलक यह विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए ज्ञान एवं आकर्षण का क...
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