गया, जनवरी 11 -- बोधगया में ड्रूक थुबटेन छोलिंग शांडूंग बौद्ध मठ में तीन दिवसीय मुखौटा नृत्य (छम नृत्य) का रविवार से शुभारंभ श्रद्धा व आस्था के बीच हुआ। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत प्रातः ढाई बजे से साढ़े सात बजे तक लामा गोंगडू की विशेष साधना के साथ की गयी। साधना के दौरान मंत्रोच्चार के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों से बौद्ध मठ गूंज उठा। इसके पश्चात प्रातः नौ बजे से लामा मुखौटा नृत्य की औपचारिक शुरुआत हुई। जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक उपस्थित रहे। भूटानी संस्कृति में मान्यता है कि मुखौटा नृत्य के दर्शन मात्र से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे निर्वाण की प्राप्ति होती है। बौद्ध मठ के सचिव लामा सोनम ने बताया कि भूटान के बाद केवल बोधगया ही ऐसा स्थान है, जहां इस विशिष्ट नृत्य का प्रशिक्षण दिया जाता है। तीन दिवस...