हल्द्वानी, मार्च 9 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड में बॉन्डधारी एमबीबीएस पास डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर स्वास्थ्य विभाग मुश्किल में फंस गया है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 28 फरवरी को बॉन्डधारी डॉक्टरों की सूची महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं को भेज दी है, जिसमें करीब 130 डॉक्टर शामिल हैं। लेकिन राज्य में इनकी नियुक्ति के लिए पर्याप्त वैकेंसी उपलब्ध नहीं होने से विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन डॉक्टरों को तैनाती देने की है, क्योंकि बॉन्ड के नियमों के अनुसार उन्हें तीन साल तक पर्वतीय क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य सेवा देनी होती है। उत्तराखंड के कुछ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सब्सिडाइज्ड फीस पर एमबीबीएस करने वाले छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद पर्वतीय क्षेत्रों ...