नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को बैंक प्रतिनिधियों को उनके काम के आधार पर दो श्रेणियों में रखने और उनके सैलरी में समानता लाने का सुझाव दिया। केंद्रीय बैंक ने शाखा मंजूरी संबंधी ड्राफ्ट मानदंडों में तीन प्रकार के वितरण बिंदुओं को परिभाषित करने का प्रस्ताव दिया है जिसमें बैंक शाखाएं, बैंक प्रतिनिधि-बैंक आउटलेट्स (बैंक शाखा, एटीएम, एक्सटेंशन काउंटर) और बैंक प्रतिनिधि-बैंकिंग टचपॉइंट (बीसी-बीटी) शामिल हैं। आरबीआई ने इस प्रस्ताव पर संबंधित संस्थाओं और जनता से पांच मई, 2026 तक सुझाव और प्रतिक्रिया मांगी हैं। इसके अलावा, बैंक प्रतिनिधि को अपना काम शुरू करने के नौ महीने के अंदर अनिवार्य ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन पूरा करना होगा। इसके बाद समय-समय पर रिफ्रेशर प्रोग्राम में भी शामिल होना होगा। यह भी पढ़ें- RBI का बड़ा एक्...