नई दिल्ली, मार्च 18 -- सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को 2012 में बैंक धोखाधड़ी के मामले में दो व्यक्तियों को पांच-पांच साल और दो अन्य को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। विशेष जज अमित खरकर ने अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420 (धोखाधड़ी), 467 (मूल्यवान जमानत परिसंपत्ति की जालसाजी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी पाया। अदालत ने निजी कंपनी 'इंफिनिटी ट्रांसमिशन' के मालिक हरित मेहता को पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई और उस पर 3.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। जज ने कंपनी के निदेशक अभय मेहता को भी पांच साल सश्रम कारावास की सजा और एक करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया। अदालत ने बैंक के पूर्व अधिकारी मनोज कुमार माथुर और एक अन्य आरोपी इलेश शाह को तीन-तीन साल कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सीबीआई के मुताबिक यह मा...