चंडीगढ़, सितम्बर 10 -- पंजाब में एक ग्राहक के बैंक खाते से उसकी सहमति के बिना 20 रुपये काटना बैंक को भारी पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए बैंक को ग्राहक को 15 हजार रुपये मुआवजे और मुकदमेबाजी की लागत के तौर पर भुगतान करने का निर्देश दिया। आयोग ने माना कि खाते से गलत तरीके से काटी गई रकम समय पर वापस नहीं की गई और ग्राहक को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बैंक का रुख करने के साथ उपभोक्ता आयोग तक जाना पड़ा।पीएम सुरक्षा बीमा योजना के नाम पर कटे थे 20 रुपये शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसका बैंक में सेविंग्स अकाउंट था। आरोप था कि उसकी लिखित या मौखिक सहमति के बिना प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) के लिए उसके खाते से 20 रुपये काट लिए गए। उसने कहा कि उसने इस बीमा योजना में नामांकन के लिए कभी मंजूरी नहीं दी थी। उसके मुताबिक, न तो ...